चीन का यूक्रेन बना बलूचिस्तान;बड़े हमले करने की क्षमता
इस्लामाबाद: बीती 11 मार्च को बलूचिस्तान अचानक अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया जब अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्वेटा से पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर लिया। बलूच विद्रोहियों ने 200 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया और लापता बलूच कार्यकर्ताओं की मांग की। दो दिनों के बाद ये नाटकीय गतिरोध समाप्त हुआ तो पाकिस्तानी सेना और बलूच विद्रोहियों के अलग-अलग दावे थे। लेकिन इसने एक बात साबित कर दी कि अब बलूच विद्रोही बड़े हमले करने की क्षमता रखते हैं।यह घटना बलूचिस्तान की कोई अकेली घटना नहीं है। यह बलूचिस्तान में लंबे समय से चल रहे संघर्ष की एक कड़ी है, जिसमें चीन का भी अहम रोल है। इस प्रांत में तांबे, सोने, कोयले और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार हैं, लेकिन इसके लोग पाकिस्तान के सबसे अधिक आर्थिक हाशिए पर चले गए हैं। इस प्रांत की प्रचुर संपदा ने यहां विदेशी हस्तक्षेप के लिए एक मैदान मुहैया कराता रहा है।
